रायबरेली में ‘राजमहल पैलेस’ पर ग्रामीणों का हंगामा, प्रेमी जोड़ों को पकड़ने का दावा

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खीरों थाना क्षेत्र के केसौली गांव के पास स्थित रेस्टोरेंट पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला

रायबरेली। जनपद में संचालित हो रहे होटल और रेस्टोरेंट की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खीरों थाना क्षेत्र के केसौली गांव के पास स्थित ‘राजमहल पैलेस’ नामक रेस्टोरेंट में कथित अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का दावा है कि प्रतिष्ठान में कई युवक-युवतियां आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। इनमें कुछ के नाबालिग होने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, उनकी उम्र और वहां संचालित गतिविधियों की वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों ने पहले भी रेस्टोरेंट में युवक-युवतियों की मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और आवश्यक हिदायत देने के बाद लोगों को जाने दिया गया। इसके अगले ही दिन ग्रामीणों ने एक बार फिर रेस्टोरेंट में पहुंचकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अंदर कई युवक-युवतियों को पकड़ लिया, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

हंगामे की सूचना पर खीरों पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। बताया जा रहा है कि पुलिस रेस्टोरेंट के मैनेजर समेत संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई और पूरे मामले की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

मैनेजर के बयान से बढ़े सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, जब इस मामले में रेस्टोरेंट के मैनेजर से बात की गई तो उसने कथित तौर पर बताया कि लालगंज कोतवाली के पास भी उसका एक होटल है और वह युवक-युवतियों को वहां ले जाने की बात कह रहा था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मौके पर क्या गतिविधियां संचालित हो रही थीं और रेस्टोरेंट का संचालन किन नियमों एवं शर्तों के तहत किया जा रहा है?

नाबालिगों की आशंका पर गंभीरता जरूरी

मामले में यदि किसी नाबालिग के शामिल होने की पुष्टि होती है, तो यह और भी गंभीर विषय बन जाता है। ऐसी स्थिति में संबंधित बच्चों की पहचान सार्वजनिक किए बिना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना आवश्यक होगा। वहीं, देह व्यापार या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, रेस्टोरेंट के आवश्यक लाइसेंस एवं अनुमति की जांच करने तथा यदि कोई अनियमितता सामने आए तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचकर वास्तविकता सामने लाएगी? क्या रेस्टोरेंट के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और कथित गतिविधियों की जांच होगी? फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

अनुज मौर्य/प्रतीक सिंह रिपोर्ट

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