Raebareli –उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आरटीई है। जिसमें गरीब और अलाभित समूह के अभिभावकों के बच्चों का प्राइवेट स्कूल में कक्षा प्री प्राइमरी से कक्षा 8 तक कुल 11 वर्ष तक फ्री पढ़ाई होती है।प्राइवेट स्कूल द्वारा सरकारी वेबसाइट पर अपने स्कूल में कक्षा की संख्या दर्ज करनी होती है और इस संख्या के चौथाई संख्या पर RTE में फ्री पढ़ाई होती है।
अभिभावक द्वारा ऑनलाइन फॉर्म भरे जाते हैं जिसमें सामान्य वर्ग के अभिभावक अपना एक लाख से कम का आय प्रमाण पत्र और एससी, एसटी और ओबीसी के अभिभावक अपना जाति प्रमाण पत्र लगाकर फॉर्म भरते हैं। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से बच्चों को प्राइवेट स्कूल का आवंटन होता है। जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित लिस्ट के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा एडमिशन के लिए पत्र जारी किए जाते हैं।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक बच्चे की पढ़ाई के एवज में प्राइवेट स्कूल को प्रतिवर्ष 5400 रुपया और अभिभावक को 5000 रुपया का अनुदान दिया जाता है।समूचे उत्तर प्रदेश में इस वर्ष RTE योजना के अंतर्गत 6 लाख 80 हजार एडमिशन का दावा किया गया है। रायबरेली में 6403 एडमिशन होने की संभावना है।
रायबरेली शहर के हालात बहुत खराब हैं। बड़े और नामी प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए बेहद कम सीट हैं। जिससे ऐसा लगता है कि यह वर्ष रायबरेली में RTE के मामले में काला अध्याय लिखेगा।
रायबरेली शहर के बड़े और नामी प्राइवेट स्कूल जैसे एसजेएस मेन ब्रांच में 8 सीट, एनएसपीएस सुपर मार्केट में 14 सीट, एलपीएस में 11 सीट, एसजेएस हाईवे ब्रांच में 3 सीट, राइजिंग चाइल्ड में 13 सीट, केडी मालवीय में 11 सीट, डीएमपीएस जेल रोड में 8 सीट, एलपीएस अहियापुर में 13 सीट, लियो कान्वेंट में 13 सीट, जेपीएस में 10 सीट, अलहमद में 20 सीट ही उपलब्ध हैं बच्चों के एडमिशन के लिए।
शहर के प्राइवेट स्कूलों में हजारों की संख्या में अभिभावक आवेदन करते हैं। बहुत ही आशा और विश्वास के साथ उत्तर प्रदेश सरकार की आरटीई स्कीम में ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जब रिजल्ट आता है तो प्राइवेट स्कूलों में बहुत कम सीट होने के कारण हजारों अभिभावक को निराशा हाथ लगती है। अभिभावक इस सरकारी स्कीम कोसने का काम करते हैं। जबकि इसका मूल कारण प्राइवेट स्कूलों द्वारा अपने स्कूल की छात्र संख्या को कम करके प्रदर्शित करना है। जितनी बच्चों की संख्या प्राइवेट स्कूल सरकारी वेबसाइट पर दर्ज करेंगे उसका चौथाई संख्या में ही बच्चे फ्री एडमिशन पाएंगे।
इस वर्ष RTE के प्रथम चरण में प्राइवेट स्कूल के फॉर्म 2 फरवरी से 16 फरवरी के मध्य भरे जाएंगे।फॉर्म भरने में आवश्यक दस्तावेज जैसे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को सहूलियत दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इनके प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
इस वर्ष यह सुविधा दी गई है कि जिन अभिभावको को ऑनलाइन फॉर्म भरने में असुविधा हो उनके लिए सरकारी कार्यालय में ऑनलाइन फॉर्म भराए जाएंगे। RTE एडमिशन के लिए एक हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की व्यवस्था दी गई है। अधिकारियों को RTE के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्देशित किया गया है।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


