रायबरेली -पहल फाउंडेशन द्वारा, प्रोजेक्ट सक्षम के अंतर्गत 23 अप्रैल 2026 को रायबरेली स्थित होटल गोल्डन दीप में “NALSA से अब तक: GSM समुदाय के लिए मानवाधिकार, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास के माध्यम से गरिमा को सशक्त बनाना” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जेंडर एवं सेक्सुअल माइनॉरिटी (GSM) समुदाय के अधिकारों, स्वास्थ्य, आजीविका एवं सामाजिक गरिमा को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य रूप से
सविता सिंह (DC NRLM),
कुलदीप सिंह (CO DUDA),
यादवेंद्र सिंह (चेयरपर्सन, पहल फाउंडेशन एवं सदस्य, ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, उत्तर प्रदेश),
रूमापरवीन (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ),
तमन्ना अफरीन (TI प्रोजेक्ट मैनेजर),
संदीप कुमार सिंह (प्रोजेक्ट मैनेजर, सक्षम) एवं
सुमित श्रीवास्तव (DLO) सहित टीम पहल उपस्थित रही।

कार्यक्रम में विवेकानंद इंस्टीट्यूट से IAS-PCS के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिनके साथ उनके शिक्षक श्री विशाल सिंह भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त किन्नर गुरु सुश्री गौरी पांडेय जी अपने चेलों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुईं। बड़ी संख्या में GSM समुदाय के सदस्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन समारोह से हुई। इसके पश्चात प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कुमार सिंह द्वारा कार्यक्रम का संदर्भ (Context) प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व को स्पष्ट किया।
इसके बाद गणेश वंदना पर एक सुंदर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ट्रांसजेंडर बालिका आयुषी द्वारा दी गई, जिसने पूरे वातावरण को भावपूर्ण और ऊर्जावान बना दिया। इसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ी।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में मानवाधिकार, स्वास्थ्य, मानसिक सशक्तिकरण, आजीविका एवं आवास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान एडवोकेट एवं पैनल्ड लॉयर श्रीमती अंजू जी ने LGBTQIA+ इतिहास एवं कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी, जिसे श्री यादवेंद्र सिंह (चेयरपर्सन) द्वारा और अधिक व्यापक रूप से व्याख्यायित किया गया।
चर्चा के दौरान 2014 के NALSA निर्णय के प्रमुख बिंदु — विशेष रूप से लैंगिक पहचान के आत्म-निर्णय (Right to Self Identification of Gender) — पर प्रकाश डाला गया। साथ ही वर्ष 2026 में ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट में किए गए बदलावों पर भी गंभीर चर्चा हुई, जिसमें मेडिकल बोर्ड द्वारा पहचान तय करने तथा ट्रांसमेन, ट्रांसवुमेन एवं जेंडर-क्वीर जैसी पहचानों से जुड़े मुद्दों पर चिंताएं व्यक्त की गईं।
इन विषयों पर उपस्थित स्टेकहोल्डर्स एवं टीम पहल द्वारा अपने विचार, सुझाव एवं चिंताएं साझा की गईं, और समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सविता सिंह (DC NRLM) ने अपने संबोधन में समुदाय को आजीविका से जोड़ने के प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई, वहीं कुलदीप सिंह (CO DUDA) ने आवास योजनाओं के माध्यम से समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया।
श्रीमती रूमापरवीन ने मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्म-स्वीकृति के महत्व को रेखांकित किया, जबकि तमन्ना अफरीन ने स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान समुदाय के सदस्यों द्वारा अनुभव साझा किए गए, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं एवं एक लघु फिल्म के माध्यम से समुदाय के संघर्ष और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में यादवेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता, गरिमा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह कार्यक्रम GSM समुदाय के अधिकारों को सुदृढ़ करने और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


