रायबरेली -रायबरेली जिले में नियमों को ताख पर रखकर मानक के विपरीत खुली एजेंसी ग्राहकों को लूटने का कार्य कर रही है। जिससे ग्राहक आए दिन ओला इलेक्ट्रिक के उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। सर्विस के लिए दी गई गाड़ियों को पाने के लिए वह लगातार चक्कर लगा रहे हैं। कोतवाली नगर क्षेत्र के पुलिस लाइन चौराहे के समीप स्थित ओला इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर एजेंसी है यहां पर एजेंसी तो खोल दी गई लेकिन इसकी सर्विस और मेंटेनेंस और पार्ट न मिल पाने की वजह से, ग्राहक आए दिन भटकते रहते हैं और झगड़ा होता रहता है रायबरेली के लिए तैनात किए गए कंपनी के कर्मचारी खुद को लखनऊ का नवाब बताते हैं जो रायबरेली अपनी शक्ल नहीं दिखाते हैं, ग्राहकों के अनुसार कोई कमलेश और फारुख है तथा यहां का जो छोटा कर्मचारी दुर्गेश और अन्य जो वहां एजेंसी में देखरेख करते हैं इन्हीं के भरोसे यहां एजेंसी संचालित की जा रही है लेकिन कोई भी किसी बात की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है ओला ग्राहकों को इतना ज्यादा बेवकूफ बना रही है कि ग्राहक अब गाड़ी खरीदने के बाद एजेंसी के ही चक्कर लगा रहे हैं क्योंकि जब से लोग गाड़ी ले रहे हैं कोई ना कोई समस्या आ ही जा रही है वर्कशॉप शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहद्दीपुर गांव में बना हुआ है और एजेंसी पुलिस लाइन चौराहे पर बनी हुई है यहां सलोन तहसील क्षेत्र के रहने वाले पंकज जायसवाल ने बताया कि वह 40 किलोमीटर दूर से लगातार 8 महीने से अपनी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए आ रहे हैं लेकिन अभी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है वहीं दूसरे सदर तहसील क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद दाउद अहमद ने बताया कि तीन माह पहले वह ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटर लिए थे लेकिन वह सही से चल नहीं रही है जिसकी कीमत 120000 रुपए के लगभग थी यह तो महज दो ही ग्राहक है जिनका दर्द सामने आया है ऐसे सैकड़ो ग्राहक है जो गाड़ियां लेने के बाद सर्विस सेंटर में खड़ी हुई है तस्वीर खुद बयां कर रही है कि कितने ज्यादा ग्राहक इससे परेशान है। जिसने भी ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटर लिया है वह दोबारा किसी को सलाह नहीं देता है कि कोई इस स्कूटर को ले क्योंकि कंपनी ने इतनी ज्यादा गाड़ियां बेच दिया है कि सर्विस करने का उसके पास समय नहीं पहले तो लखनऊ गाड़ियां ले जाया जाती थी लेकिन अब रायबरेली में इसकी व्यवस्था हो गई है लेकिन सिर्फ नाम मात्र के लिए है किसी तरह के कोई भी ग्राहक की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पीड़ित लोगो का कहना था कि ऐसी कंपनी का ग्राहकों को बहिष्कार कर देना चाहिए जो सिर्फ जनता के पैसों को लूटने का काम कर रही है
अनुज मौर्य रिपोर्ट


