Raebareli –रायबरेली जिले में एक निजी अस्पताल पर इलाज के बदले मरीज के परिवार से जमीन का एग्रीमेंट करवाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने मरीज को एम्बुलेंस में लेकर 10 जनवरी 2026 (शनिवार) को दोपहर करीब 2 बजे एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रायबरेली जनपद के भदोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुलिहामऊ गांव के निवासी शिवलाल पासी को कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित न्यू सुविधा हॉस्पिटल (बरगद चौराहा) में भर्ती कराया गया था। पीड़ित परिवार के अनुसार:
अस्पताल में भर्ती के समय सबसे पहले 35,000 रुपये की डिमांड की गई।
- बाद में इलाज को लेकर लखनऊ के किसी अस्पताल में ऑपरेशन करवाने की बात कही गई और ऑपरेशन के बाद फिर से इसी सुविधा हॉस्पिटल में मरीज को वापस भर्ती किया गया।
- अब संदीप कुमार और अन्य अस्पताल के लोगों ने पूरे इलाज के बदले चार लाख रुपये की मांग की है।
- जब परिवार ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई, तो आरोप है कि इलाज जारी रखने के बदले मरीज की 6 बिस्वा जमीन का एग्रीमेंट करवा लिया गया।
इस अन्याय के खिलाफ पीड़ित पुष्पा देवी (शिवलाल पासी की परिजन) ने परिवार सहित मरीज को एम्बुलेंस में लादकर सीधे एसपी ऑफिस पहुंचकर एसपी ऑफिस पहुंच कर लिखित शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस की कार्यवाही
मौके पर सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत पहुंची। चौकी इंचार्ज कपिल सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोप सिद्ध होने पर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल मरीज को अस्पताल में ही रखकर उसकी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
यह मामला इलाज के नाम पर हो रही संभावित जबरन वसूली और जमीन हड़पने की कोशिश का गंभीर उदाहरण है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद पुलिस प्रशासन से लगाई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है तथा कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य सेवाओं पर बना रहे। आगे की जांच से मामले के और तथ्य सामने आने की संभावना है।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


