“ऊबड़खाबड़ खड़ंजे और बजबजाती नालियां” – यही है किलौली ग्रामसभा की पहचान

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रिपोर्ट- हेमन्त कुमार अग्रहरि

प्रधानी का पांच साल का कार्यकाल गुजर गया लेकिन विकास सिर्फ वादों और दावों तक ही सीमित है। वास्तव मे हरचंदपुर विधानसभा के सतांव विकास खण्ड की किलौली ग्राम पंचायत विकास मे बहुत पीछे है। ग्रामीणों को पांच साल मे कुछ भी नहीं मिला। विकास की उम्मीद मे तरसती आंखें बूढी हो गई लेकिन अभी भी विकास की उम्मीद नहीं जगी। प्रधानी का कार्यकाल गुजर चुकाा चुनाव की तैयारी चल रही है, लेकिन गांवों मे कुछ भी परिवर्तन नहीं दिख रहा है। पिछले 25 वर्षों से स्वयं या अपने ही प्रत्याशी को प्रधान पद पर बैठाने वाले निवर्तमान प्रधान पति राजकिशोर मिश्रा और उनके अंधसमर्थक जिन्होने ग्राम पंचायत के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया, वही लोग तरह-तरह के वादे कर छल करने की तैयारी मे जुट गए हैं। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों की बेमिसाल संयोजन नें प्रधानमंत्री आवास योजना तक में अपात्रों को मकान दिलवा दिए मगर गरीब और पात्र झुग्गी झोपड़ियों में रहने के लिए लोग मजबूर आज भी है वही देखने को
बटऊवा गांव की नालियों में देखा जा सकता हैं गंदगी कैसे फैली हुई हैं कि सांस लेना भी मजबूर है खड़ंजा मरम्मतीकरण के नाम पर पैसा कई बार निर्गत हुआ लेकिन एक भी खड़ंजे की मरम्मत नही हुई। विकास कार्यों पर तीखे प्रश्न करनें पर प्रधान प्रतिनिधि और उनके अंधभक्त अक्सर नाराज हो जाते हैं। अब देखना है कि आगामी त्रृस्तरीय चुनाव में जनता इनको सबक सिखाती है या पुनः बहकावे और चुनावी प्रलोभनों का शिकार होती

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