मतौली पुर गांव में जन्मे नायक राजेंद्र यादव 1999 में भारत-पाक युद्ध के दौरान हुए थे शहीद !
रायबरेली। डलमऊ हमारा देश अपने वीर सपूतों की सुर गाथाओं से भरा पड़ा है यहां लगभग हर जिले में एक वीर सपूत का घर मिल जाएगा जिसने देश के लिए शहादत थी ऐसे ही एक दिए सपूत हैं शहीद नायक राजेंद्र यादव जिनकी शौर्य गाथा और पराक्रम से पाकिस्तान को 1999 के कारगिल युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा ऐसे वीर सपूत की 27 वी पुण्यतिथि मनाई गई। जनपद रायबरेली की डलमऊ तहसील के अंतर्गत मोतौली पुर गांव में जन्मे नायक राजेंद्र यादव के अंदर बचपन से ही देश सेवा का जुनून भरा रहा बेहद सामान्य और किसान परिवार में जन्मे राजेंद्र यादव ने 1984 में भारतीय सेना में भर्ती और 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान सेना से लड़ते-लड़ते देश के नाम शहादत दे दी जिससे तब से लेकर अब तक उनके पैतृक गांव से लेकर डलमऊ हर बार उनकी पुण्यतिथि मना कर उन्हें याद किया जाता बीते दिन अमर शहीद राजेंद्र यादव की 27वीं पुण्यतिथि ब्लॉक परिषर डलमऊ में मनाई गई जहां पर प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समाज के संभ्रांत व्यक्तियों की उपस्थिति में विनम्रता पूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जहां पर सपा नेता राजेश चंद्रा, सपा नेता मनीष देव पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी यादव , दादा देवराज यादव ने कहा कि आज हम सभी मां भारती के सच्चे सपूत शहीद राजेंद्र यादव को याद कर रहे हैं और उनकी शहादत और उनके परिवार का सदैव रेडी रहेगा उनका यह शौर्य और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी वही कार्यक्रम का संचालन सपा जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव के द्वारा किया गया तथा आयोजन भूमिका में रामदेव यादव तथा संयोजक के तौर पर रजत यादव और इस मौके पर प्रांतीय नेता राजेश चंद्रा, अधिवक्ता ओ पी यादव, तहसीलदार यशवंत सिंह डलमऊ,खंड विकास अधिकारी रामखेलावन वर्माडलमऊ, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि पंकज रावत,अध्यक्ष राम नारायण रमण, मनीष देवपाल,शमसुद्दीन अजहर, पूर्व प्रधान देवराज यादव, शेर बहादुर , प्रधान राम अभिलाष यादव, इंद्रपाल गौतम, राजेंद्र सरोज, प्रधान राजेश यादव,,प्रधान शैलेंद्र यादव, फौजी डीएन यादव ,प्रधान दिलीप यादव, अध्यापक संदीप कुमार, किसान नेता मनोज यादव, अखिलेश माही, प्रधान आलोक यादव विक्की,लाल बहादुर क्रांतिकारी, वीरेंद्र किसान ,दीपू सिंह प्रधान, अनूप यादव सहित भारी संख्या में आम जनमानस मौजूद रहा।
जंग के मैदान में हुए शहीद देश के लिए दी जान
एक किसान परिवार में पहले बड़े राजेंद्र कुमार यादव अपने परिवार में सबसे परिश्रमी और होनहार बच्चों में से एक थे यही कारण रहा कि माध्यमिक शिक्षा पूरी करते-करते राजेंद्र यादव ने अपनी मंजिल हासिल कर ली राजेंद्र यादव का पहला और आखिरी सपना था कि वह भारतीय सेवा में जाकर देश के लिए सेवा करें और अपने सपने को साकार करते हुए भारतीय सेना में नायक के पद तक पहुंचे लेकिन 1999 के कारगिल युद्ध में राजेंद्र यादव लड़ाई लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गए और उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची हर कोई आवाक व गमगीन रह गया तब से लेकर अब तक राजेंद्र यादव का जैसे ही जिक्र आता है अभी भी परिवार गमगीन हो जाता है पर उनकी शहादत पर परिवार को गर्भ भी है नायक राजेंद्र यादव की शादी ललिता देवी के साथ 1987 में हुई जिनके दो बेटे और एक बेटी बड़ा बेटा अतुल यादव और छोटा बेटा रजत यादव तथा बेटी अनीता यादव है जो अपने पिता की शहादत को याद कर गमगीन तो होते हैं लेकिन गर्भ की अनुभूति भी करते हैं।
संदीप फिज़ा रिपोर्ट


