आपसी सौहार्द एवं हिंदू- मुस्लिम एकता की मिसाल बना नवगजी मज़ार का सालाना उर्स।
अयोध्या कोतवाली के पीछे स्थित हज़रत नूह अलैहस्सलाम नवगजी मज़ार जहां का उर्स -ए- मुक़दस मनाया गया जिसमें सैकड़ो की तादाद में हिंदू-मुस्लिम लोग हर साल शामिल होते है हजरत नूह अलैहस्सलाम नवगजी मजार का तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 18 तारीख कुल शरीफ और कुरआन खानी प्रोग्राम से हुआ । जिसमें सैकड़ो लोंगो ने शिरकत ने की। उर्स के दूसरे दिन 19 तारीख को तक़रीर और नात-ए-मुशायरा का प्रोग्राम हुआ जिसमें हिंदुस्तान के मशहूर मौलाना तशरीफ लाए नात-ए-मुशायरा के प्रोग्राम से कायर्क्रम में चार चांद लग गया। 20 तारीख को उर्स के अंतिम दिन को कव्वाली का प्रोग्राम में गागर और चादर का प्रोग्राम हुआ। चादर नवगजी मज़ार से निकल कर प्रमोदवन ,श्रृंगार हाट, राजसदन एवं हनुमान गड़ी होते हुए अयोध्या कोतवाली के पीछे नवगजी मज़ार पहुँची जिसमे सैकड़ो महिलाएं एवं पुरुष सामिल हुए कार्यक्रम में हाजी सईद अहमद ,हाजी खालिददीन, हाजी सलीम(भोला),मोहम्मद कलीम सिद्दीकी ,वसीम सिद्दीकी मोहम्मद इम्तियाज ,नफीस अहमद खान ,मोहम्मद रजा, सुल्तान अन्सारी,सैफ खान ,सोहेब खान ,महताब अहमद, शिब्बू , इमरान अंसारी ,आजम कादरी सहित सैकड़ो लोग सामिल हुए।
रिपोर्ट- मनोज कुमार तिवारी
नवगजी मजार का तीन दिवसीय सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया
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