प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक राना बेनी माधव सिंह की 222वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

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जगतपुर, रायबरेली। प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक, अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर शिरोमणि राना बेनी माधव सिंह की 222वीं जयंती सोमवार को शंकरपुर स्थित राना बेनी माधव सिंह स्मारक परिसर में ऐतिहासिक और भव्य वातावरण में मनाई गई। वीर सेनानी की स्मृतियों को नमन करने के लिए करीब तीन हजार लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समिति पदाधिकारियों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर महानायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मूसलाधार बारिश के बाद भी राष्ट्र भक्ति के सामने मौसम भी बेसर नजर आया 

जयंती समारोह के दौरान तेज बारिश ने आयोजन में बाधा डालने का प्रयास जरूर किया, लेकिन राना बेनी माधव सिंह के प्रति लोगों की आस्था और राष्ट्रभक्ति के सामने मौसम भी बेअसर नजर आया। बारिश के बीच हजारों लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। किसी ने अपनी जगह नहीं छोड़ी। पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’, ‘राना बेनी माधव सिंह अमर रहें’ जैसे जयघोषों से गूंज उठा। बारिश में भी तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच मौजूद जनसमूह ने यह संदेश दिया कि जिन वीरों ने मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनकी स्मृति आज भी जनमानस के हृदय में उतनी ही जीवंत है।

अश्वारोही प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ समारोह का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ राना पार्क स्थित राना बेनी माधव सिंह की विशाल अश्वारोही प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि से हुआ। इसके पश्चात मां सरस्वती तथा मंच पर स्थापित राना बेनी माधव सिंह की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। अतिथियों एवं समिति पदाधिकारियों ने मां दुर्गा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राष्ट्र, समाज और जनकल्याण की कामना की।
विशाल माला से सजी राना बेनी माधव सिंह की प्रतिमा वीरता और इतिहास की गौरवगाथा का जीवंत प्रतीक नजर आई। प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा से झुके हजारों सिर और वातावरण में गूंजते राष्ट्रभक्ति के जयघोषों ने समारोह को भावनात्मक एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया।

सांसद किशोरी लाल शर्मा का विशेष सम्मान

समारोह में अमेठी लोकसभा क्षेत्र के सांसद किशोरी लाल शर्मा का राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति के अध्यक्ष हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने विशेष सम्मान किया। उन्हें विशाल माला पहनाकर, बैज एवं अंगवस्त्र भेंट करने के साथ तलवार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
समारोह में जनपद एवं गैर जनपद से पहुंचे अनेक गणमान्य अतिथियों को भी समिति की ओर से माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

आल्हा की वीर गाथाओं से गूंजा शंकरपुर

समारोह का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध आल्हा गायिका नेहा सिंह की वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी बुलंद आवाज और प्रभावशाली गायन शैली से राना बेनी माधव सिंह के शौर्य, पराक्रम, संघर्ष और प्रथम स्वाधीनता संग्राम से जुड़े प्रसंगों को जीवंत कर दिया। वीर रस की प्रस्तुति सुनकर श्रोता रोमांचित हो उठे।
तेज बारिश के बावजूद हजारों लोगों ने पूरी तन्मयता के साथ आल्हा का आनंद लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के प्रस्तुति संयोजक अरुणेंद्र सिंह रहे, जबकि मंच संचालन अमरनाथ सिंह ने किया।

राना साहब के त्याग, शौर्य और स्वाभिमान को किया नमन

राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति के अध्यक्ष हरिचन्द्र बहादुर सिंह, अनुज सिंह, धीरज सिंह, सानिध्य सिंह सहित समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
स्वागत संबोधन में अध्यक्ष हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि राना बेनी माधव सिंह का जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की ऐसी अमिट गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के सम्मान के लिए राना साहब ने जिस दृढ़ता के साथ संघर्ष किया, वह भारतीय इतिहास की गौरवशाली विरासत है।

कार्यक्रम अध्यक्ष आईएएस कृष्ण शरण सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि राना बेनी माधव सिंह का जीवन मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण, स्वाभिमान और अदम्य साहस की मिसाल है। उनके संघर्ष और बलिदान की गाथा केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वीर सेनानियों की स्मृतियों को जीवंत रखना और उनके आदर्शों से समाज को प्रेरणा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि सांसद किशोरी लाल शर्मा तथा विशिष्ट अतिथियों ने भी राना बेनी माधव सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि राना साहब ने विदेशी सत्ता के सामने झुकने के बजाय मातृभूमि और स्वाभिमान को सर्वोच्च स्थान दिया। उनका जीवन बताता है कि राष्ट्रप्रेम केवल शब्द नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर त्याग और संघर्ष का संकल्प भी है।

गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

समारोह में सांसद किशोरी लाल शर्मा, आईएएस कृष्ण शरण सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र विक्रम सिंह, सेंट्रल बार एसोसिएशन रायबरेली के अध्यक्ष सुरेश चन्द्र यादव, नगर पालिका परिषद रायबरेली के अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर, जिला कांग्रेस कमेटी रायबरेली के अध्यक्ष पंकज तिवारी, पूर्व विधायक सरेनी अशोक सिंह, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा सरेनी सुधा द्विवेदी, पूर्व प्रत्याशी ऊंचाहार विधानसभा अतुल सिंह, पूर्व प्रत्याशी सदर विधानसभा डॉ. मनीष सिंह, पूर्व विधायक बछरावां सुशील कुमार पासी, एचएल दुसाध, विजय पाल सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख सतांव उमेश सिंह, अरखा के जितेन्द्र सिंह, राजेश श्रीवास्तव, विजय शंकर अग्निहोत्री, ब्रिजबिहारी अवस्थी, विनोद सिंह, आशीष सिंह, रोहित सिंह, निर्मल शुक्ला, संजय सिंह कछवाह, अधिवक्ता अजय पाल सिंह, आशापाल सिंह, बुधेन्द्र सिंह, जयशंकर सिंह, राम अकबाल बहादुर सिंह, राजेश यादव, दिनेश सिंह, शिवमोहन सिंह, शिवकमल सिंह, नागेंद्र सिंह, गौरव अवस्थी, बीपी सिंह और महराजगंज ब्लाक प्रमुख प्रदीप चौधरी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

समिति पदाधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

समारोह को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष हरिचन्द्र बहादुर सिंह, राम अकबाल सिंह, राजकुमार सिंह, धीरज सिंह, अरुणेंद्र सिंह, आशापाल सिंह, शिवकमल सिंह, अनुज सिंह, बुधेन्द्र बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह, अमित द्विवेदी तथा प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार समेत समिति के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर ने सभी अतिथियों, समिति पदाधिकारियों, कलाकारों और विशाल संख्या में उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद अतिथियों एवं समिति पदाधिकारियों आमजन मानस के लिए जलपान एवं भोजन की व्यवस्था भी की आए हुए अतिथियों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की।

शंकरपुर से उठा राष्ट्रभक्ति का संदेश

राना बेनी माधव सिंह की 222वीं जयंती पर शंकरपुर में उमड़ा जनसैलाब केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि इतिहास, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रति जनआस्था का विराट प्रदर्शन रहा। तेज बारिश में भी हजारों लोगों का डटे रहना इस बात का प्रमाण बना कि मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की गाथाएं समय के साथ कभी धुंधली नहीं पड़तीं।
राना बेनी माधव सिंह का शौर्य आज भी रायबरेली की मिट्टी में स्वाभिमान की आवाज बनकर गूंजता है। उनके संघर्ष की स्मृति नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है, मातृभूमि का सम्मान सर्वोपरि है और देश के लिए किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता। शंकरपुर की धरती पर उमड़ा हजारों का जनसैलाब इसी अमर राष्ट्रभावना का साक्षी बना।

अनुज मौर्य/एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव रिपोर्ट

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