रायबरेली। जनपद के कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर जारी प्रक्रिया के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों की पूर्ति किए बिना किसी भी कोचिंग संस्थान को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रायबरेली के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी निर्धारित मानकों की पूर्ति एक साथ कर पाना अधिकांश कोचिंग संस्थानों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद ही प्रशासन कोचिंग संस्थानों की वास्तविक समस्याओं का आकलन करेगा और उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इसी क्रम में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी से भी फोन पर विस्तृत वार्ता हुई। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह शीघ्र ही रायबरेली आकर जिलाधिकारी से इस विषय पर चर्चा करेंगे, ताकि कोचिंग संस्थानों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालते हुए सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुँचा जा सके।
कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रायबरेली के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने मीडिया को बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी निर्धारित मानकों की पूर्ति एक साथ कर पाना अधिकांश कोचिंग संस्थानों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद ही प्रशासन कोचिंग संस्थानों की वास्तविक समस्याओं का आकलन करेगा और उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इसी क्रम में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी से भी फोन पर विस्तृत वार्ता हुई। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह शीघ्र ही रायबरेली आकर जिलाधिकारी से इस विषय पर चर्चा करेंगे, ताकि कोचिंग संस्थानों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालते हुए सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुँचा जा सके।
विक्रम सिंह ने पुनः मांग दोहराई कि छोटे, मध्यम और बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए अलग-अलग एवं व्यावहारिक मानक निर्धारित किए जाएँ। उनका कहना था कि सभी प्रकार के कोचिंग संस्थानों पर एक समान मानक लागू करना उचित नहीं होगा, क्योंकि उनकी क्षमता, संसाधन और संरचना में पर्याप्त अंतर होता है।
अनुज मौर्य /प्रतीक सिंह रिपोर्ट


