लाइट्स ऑफ-अलर्ट ऑन मॉक ड्रिल से होगी सुरक्षा की परीक्षा 23 जनवरी को रायबरेली सहित प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ बजेगा ब्लैकआउट का सायरन
रायबरेली-, नागरिक सुरक्षा संगठन के प्रभारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कार्यालय पर बैठक कर वार्डन पदाधिकारी को आगामी 23 जनवरी को प्रदेश के 75 जिलों के साथ मिलकर ब्लैकआउट सायरन बजाने एवं लाइट ऑफ अलर्ट ऑन मॉक ड्रिल की तैयारी को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए । बैठक में वार्डन सेवा के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने और संगठन को और अधिक गति प्रदान करते हुए मजबूत करने पर जोर दिया गया। नागरिक सुरक्षा संगठन के सीनियर स्टाफ ऑफिसर ने बताया है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश शासन में प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा संयुक्ता समद्दार एवं पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा ध्रुव कांत ठाकुर ने प्रदेश भर के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसुरक्षा की वास्तविक परीक्षा बताया।
यह आयोजन प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ एक समय पर होगा। लाइटें बंद होंगी सिस्टम ऑन रहेगा जवाबदेही तय होगी और परिणाम जमीन पर दिखाई देगा। प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा ध्रुव कांत ठाकुर ने कहा कि मॉक ड्रिल कागजी नहीं जमीन पर दिखनी चाहिए। इसके लिए जनपद स्तर पर सभी स्टेकहोल्डर्स अग्निशमन विद्युत चिकित्सा, पुलिस प्रशासन आपदा प्रबंधन को नागरिक सुरक्षा के साथ पूर्ण समन्वय में कार्यक्रम संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। नागरिक सुरक्षा संगठन के प्रभारी उप नियंत्रक एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने रायबरेली में भी आपसी समन्वय के माध्यम से सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिशा निर्देश दिए हैं।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


