सलोन रायबरेली।संदिग्ध परिस्थितियों में ख़्वाजापुर जंगल मे एक डेढ़ साल का बच्चा रोता हुआ मिलने से सनसनी मच गई।स्थानीय लोगो ने पुलिस को सूचना देकर बच्चे के गार्जियन को खोजने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।लेकिन तीस घण्टे बाद भी मासूम के घरवालों का सुराग नही लग सका।बच्चे को चाइल्ड होम केयर भेज दिया गया है।
सलोन कोतवाली अंतर्गत ख़्वाजापुर गांव निवासी हरिलाल सोमवार की सुबह मोहम्मदाबाद स्थित चक्की से आटा लेकर लौट रहे थे।सुबह करीब सात से आठ बजे के बीच ख़्वाजापुर जंगल मे एक बच्चे की रोने की आवाज सुनकर वृद्ध ने साइकिल रोक दी।आवाज सुनकर हरिराम पास गया तो हल्के आसमानी कलर का स्वेटर पहने बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में रो रहा था।हरिराम के मुताबिक उसने आवाज भी लगाई तो कही कोई नही दिखाई दिया।जिसके बाद बच्चे को घर लाकर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।वही पुलिस ने बच्चे की पहचान और गार्जियन का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया के जरिये बच्चे की फ़ोटो इंटरनेट पर प्रसारित भी कराई।लेकिन कोई सुराग नही लगा।जिसके बाद बच्चे को हरिराम की बहु रूपा पत्नी पिंटू की देखरेख में दे दिया गया था।मंगलवार चाइल्ड होम केयर रायबरेली की टीम ने पहुँच कर बच्चे को अपनी कस्टडी में ले लिया है।कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि जंगल मे मिले बच्चे के अभिभावक का कोई सुराग नही लग सका है।चाइल्ड केयर की टीम को कागजी कार्यवाही करके बच्चे को सौप दिया गया है
अनुज मौर्य/आशीष कुमार रिपोर्ट


