संदिग्ध परिस्थितियों में घर में लगी आग हजारों की गृहस्थी जलकर हुई राख

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आग ने उजाड़ा गरीब का आशियाना, 50 हजार की गृहस्थी जलकर राख; लेखपाल पर मौके पर न पहुंचने का आरोप

सरेनी (रायबरेली)। मौसम की मार और आग की लपटों ने एक गरीब परिवार की वर्षों की मेहनत से जुटाई गृहस्थी को पलभर में राख कर दिया। सरेनी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर खुर्द गांव में गुरुवार शाम करीब पांच बजे केशराज कुरील के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखा अनाज, कपड़े, खाने-पीने का सामान, चारपाई समेत तमाम घरेलू सामग्री जलकर राख हो गई। घटना के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट खड़ा हो गया है।

आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। पुलिस को सूचना देने के साथ ही ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक घर में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। पीड़ित केशराज के मुताबिक, अग्निकांड में करीब 50 हजार रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। मकान में परिवार के लगभग सात सदस्य रहते हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक सरकारी आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है।

घटना की सूचना पर पीआरवी-112 और भोजपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने घटना की जानकारी क्षेत्रीय लेखपाल को दी थी, लेकिन लेखपाल मौके पर नहीं पहुंचे और न ही नुकसान का आकलन किया। इससे पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिलने की चिंता सता रही है।

गौरतलब है कि क्षेत्र में तेज तूफान और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने अलर्ट जारी कर संबंधित अधिकारियों को आपदा से जुड़ी घटनाओं पर तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए थे, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत और मुआवजा मिल सके।

इस संबंध में तहसीलदार लालगंज पवन कुमार यादव से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन कितनी जल्दी धरातल पर उतरता है और बेघर होने की कगार पर पहुंचे परिवार को कब राहत मिलती है।

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