सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित सभी क्षेत्रों में पॉश कानून की सभी धाराओं का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए-डॉ रुमा परवीन

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रायबरेली -प्रत्येक कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर उपलब्ध कराने वाला होना चाहिए। रायबरेली जिले में महिलाओं को भयमुक्त एवं भेदभावरहित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्यस्थलों पर गठित आंतरिक शिकायत समितियों (आईसीसी) को अधिक सक्रिय, संवेदनशील और जवाबदेह बनते हुए पॉश (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। आज रायबरेली जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका से मनोवैज्ञानिक डॉक्टर रुमा परवीन ने शिष्टाचार भेंट करी वही जिलाधिकारी ने मनोवैज्ञानिक डॉक्टर रूमा परवीन की हर बातों को बहुत गंभीरता से सुना और उन्होंने यह वादा भी किया कि जो भी संस्थाएं सरकारी काम कर रही हैं उन्हें तत्काल इस एक्ट पर समितियां बनाई जाए।

गंभीरता से हो धाराओं का पालन

डॉ रुमा परवीन ने कहा कि सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित सभी क्षेत्रों में पॉश कानून की सभी धाराओं का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम के प्रावधानों को सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में हर जगह सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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