अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

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महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपनी मातृभाषा हिंदी के सम्मान में हिंदी की विभागाध्यक्ष नीरू वाजपेयी की देखरेख में कक्षा 11 के बच्चों ज्ञानशू ,मनीषा ,मरियम, खुशी, शिवांकी, महिमा ,सेजल, शिवम, शिखा, नितिन, विनय, तथा कक्षा 9 के आहद्,साकिब, सचिन, आरव, देवेश, सुभाष ,प्रवीण, श्रुति , आराध्या, अनुष्का, जान्हवी, छवि ,दिव्यांशी, कृतिका, अनमोल, हर्ष, ने अपने उद्द्गार पेंटिंग स्लोगन और निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से व्यक्त किया।

प्रधानाचार्य कमल वाजपेयी ने बताया कि 17 नवंबर 1999 को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को के सामान्य सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया की भाषा अभिव्यक्ति का दूसरा नाम है मातृभाषा वह भाषा है जिसमें बच्चे अपनी मां से परिवार से बात करना सिखाते हैं। आज का समय अपनी मातृभाषा से जुड़कर उसे और अधिक समृद्ध करने के संकल्प के साथ उसके साहित्य को और अधिक समृद्ध करने के सकंल्प के साथ उसके साहित्य को और अधिक समृद्ध करने का है। प्रधानाचार्य ने कहा की मातृभाषा के समृद्ध होने से देश की सभी भाषाएं समृद्ध होगी तभी देश भी समृद्ध होगा। प्रधानाचार्य ने कविता के माध्यम से हिंदी की उपेक्षा हेतु अपने विचार रखें। जो नारी श्रगांर अधूरा बिन माथे की बिंदी, भारत मां के भाल विराजै अपनी प्यारी हिंदी ,शब्द- शब्द सम्मान भरा है वाक्य सुनाते लोरी, इस अवसर पर श्रीमती गिरिजा शुक्ला ,राजीव मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव ,अभिषेक राज त्रिपाठी, दिलीप कुमार ,सरिता मिश्रा ,नीरू बाजपेयी, लक्ष्मी सिंह, मंजू सिंह, अनुपम सिंह, फातिमा, साधना सिंह, ज्योति सिंह, शालिनी सिंह, ज्योति जयसवाल, गर्विता सिंह, आलोक यादव, आदर्श शुक्ला, जय सिंह, लवलेश सिंह, राधा शुक्ला, रुचि सिंह ,शिवानी वर्मा ,अमित सिंह, निखिल शुक्ला, सुरेंद्र प्रजापति आदि का विशेष योगदान रहा।

रिपोर्ट- अशोक यादव एडवोकेट

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