कक्षा 8 तक के बच्चों का हुआ निपुण मूल्यांकन

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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर के मूल्यांकन के लिए निपुण भारत एप के जरिए ओएमआर शीट पर मूल्यांकन परीक्षा कराई गई।

मंगलवार को परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू हुई परीक्षा पर्यवेक्षकों व जिला प्रोबेशन अधिकारी की निगरानी में विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में मूल्यांकन परीक्षा संपन्न हुई।

विकास क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय समेत 131 विद्यालयों में नामांकित 16324 छात्रों के सापेक्ष 14273 छात्रों ने निपुण मूल्यांकन परीक्षा में प्रतिभाग किया।

परिषदीय विद्यालयों में निपुण मूल्यांकन परीक्षा को लेकर पूर्व से ही तैयारियां सुनिश्चित कर विद्यालयवार पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे जो कि विद्यालय में परीक्षा से एक घंटे पहले पहुंच कर प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट के पैकेटों की शील की जांच करने के बाद छात्रों को बांटकर परीक्षा प्रारंभ कराई।

निपुण मूल्यांकन परीक्षा दो पालियों में सम्पन्न हुई । प्रथम पाली में कक्षा 1 से 3 व द्वितीय पाली में कक्षा 4 से 8 तक की परीक्षाएं सम्पन्न हुई। परीक्षा सम्पन्न होने के उपरांत छात्रों द्वारा ओएमआर शीट पर भरे गए उत्तरों को निपुण एप के माध्यम से आनलाइन स्कैन करना था।

जिसके आधार पर छात्रों का मूल्यांकन उनके द्वारा दिए गए उत्तरों को स्कैन कर पोर्टल पर छात्रों के शैक्षिक स्तर का मापन किया जाना था।

परीक्षा के बाद क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में नेटवर्क कनेक्टिविटी व निपुण एप के सर्वर पर अत्यधिक लोड होने से ओएमआर शीटों की स्कैनिंग नही हो सकी इस बीच दोपहर बाद से स्कैनिंग की समस्या से निपटने के लिए कई विभागीय दिशानिर्देश भी जारी हुए। लेकिन नतीजा सिर्फ शून्य ही रहा। जिससे अधिकतर ओएमआरशीटों को स्कैन नही किया जा सका।

ऑन्सर शीट व मोबाइल हाथ में लिए कनेक्टिविटी ढूंढ़ते रहे गुरुजी


निपुण मूल्यांकन परीक्षा के बाद एक हाथ में मोबाइल तो दूसरे हाथ में ओएमआर शीट लेकर निपुण भारत एप पर आंसरशीट की स्कैनिंग के लिए लगभग सभी परिषदीय विद्यालयों में गुरु जी नेटवर्क कनेक्टिविटी खोजते नजर आए।

विद्यालय बंद होने के समय के बाद भी क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक रुके रहे। शिक्षकों की लगातार स्कैनिंग की समस्या की शिकायत को लेकर कई दिशानिर्देश मिले कि नैट एग्जाम की ओएमआर शीट धूप में ले जाकर स्कैन करें तो आसानी से स्कैन हो जाएगी।

ऐसे में गुरुजी धूप में टहलकर भी स्कैनिंग का प्रयास किया उसके बाद भी लगभग दो तिहाई विद्यालयों में ओएमआर शीट की स्कैनिंग नहीं हो सकी। समस्या से निजात न मिली तो विद्यालय बंद होने के समय ओएमआर शीट शिक्षकों को घर ले जा कर आज ही स्कैन करने के भी दिशानिर्देश दिए गए।

मामले में खंड शिक्षा अधिकारी राम मिलन यादव ने बताया कि मंडल स्तरीय परीक्षा होने के कारण स्कैनिंग में समय लग रहा है, शिक्षकों द्वारा स्कैनिंग की जा रही है।

रिपोर्ट-अशोक यादव एडवोकेट

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