गौवंशों की लगातार मौतों के बाद कुम्भकर्णी नींद से जागा पशु विभाग

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महराजगंज रायबरेली
बीते कई दिनों से गौवंशो की मौतो को लेकर चर्चा में आयी बखतखेर मजरे मोन स्थित गौशाला पर पूरे जिले के अधिकारियों की निगांहे टिकी हुई हैं। मामले में लगातार स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक गौशाला की व्यवस्था चाक चौबन्द करने में लगा हुआ है। ग्राम प्रधान व पंचायत मंत्री की लापरवाही के चलते समाप्त हुए चारे व हो रही बारिश के कारण गौवंशो की मौते होनी शुरू हो गयी। जिसके लिए पशु चिकित्सक लगातार गौवंशों का उपचार करने में लगे हुए हैं।
बताते चलें कि विकास खण्ड के बखतखेर मजरे मोन स्थित गौशाला में चारा समाप्त हो जाने व गौशाला में बारिश के कारण कीचड़ व दलदल हो जाने से गौवंशों की मौतो का सिलसिला शुरू हो गया। मामले में ग्राम प्रधान द्वारा जून में ही खण्ड विकास अधिकारी सहित जिले के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देते हुए विकास सहित गौशाला के मद का अवैध रूप से आहरण करने व डोंगल खो जाने की शिकायत की गयी थी। शिकायत होने के बावजूद खण्ड विकास अधिकारी द्वारा मामले को गम्भीरता से न लेने के चलते गौवंशो के चारे की समस्या उत्पन्न हो गयी। यही नही व्यापारियों ने भुगतान न होने के चलते चारा देने से इनकार कर दिया। मामले की पूरी जानकारी होते हुए भी बीडीओ ने अपनी आंखे बन्द रखी। जिससे हफ्तो से भूखे गौवंशों ने शनिवार से दम तोड़ना शुरू कर दिया। मामला मीडिया में आते ही स्थानीय तथा जिले के अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। सीडिओ के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन गौशाला की व्यवस्था चाक चौबन्द करने में लग गया। तो वहीं पशु चिकित्सक ने भी एक डाक्टर तैनात कर गौवंशो का इलाज शुरू कर दिया है। मंगलवार को जहां सीडीओ ने 50 कुन्तल भूसे से लदा ट्रक भेजा तो वहीं एसडीएम व बीडीओ के प्रयास से 22 कुन्तल भूसा गौशाला पहुंचाया गया। इसके अलावां गौशाला की साफ सफाई का कार्य तेज कराते हुए गौशाला में राबिश डालने का कार्य भी शुरू कराया गया है। यही नहीं मामले में सीडिओ ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर टीम को तत्काल जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। मामले में अधिक जानकारी के लिए सीडिओ से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, परन्तु सम्पर्क नही हो सका।

एडवोकेट अशोक यादव रिपोर्ट

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