डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा रेल कोच अस्पताल

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लालगंज, रायबरेली। आधुनिक रेल कोच कारखाने की भारतीय मजदूर संघ यूनियन ने महानिदेशक स्वास्थ्य रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजकर एमसीएफ अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन सहित डॉक्टरों के पदों को भरे जाने की मांग की है।

जिससे रेल कोच में कार्यरत ढाई हजार कर्मचारियों को सही ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष आदर्श सिंह बघेल और महामंत्री सुशील गुप्ता ने बताया कि आरेडिका के हास्पिटल में कोई भी महिला डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुयी है जिसके कारण स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नितान्त आवश्यकता है।

वर्तमान समय में आरेडिका हॉस्पिटल में नौ डॉक्टरों के पद खाली हैं, चिकित्सालय में फिजिशियन ,सर्जन ,बाल रोग विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपिस्ट की नितान्त आवश्यकता है। एमसीएफ परिवार के बहुत से साथी हड्डियों और मांस पेशियों की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण फिजियोथेरिपी के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है।

साथ ही.एमसीएफ हॉस्पिटल में जल्द से जल्द अल्ट्रासाउण्ड मशीन की व्यवस्था कराने की भी मांग की गई है जिससे मरीजों को राहत मिल सके। आदर्श बघेल ने कहा कि अल्ट्रासाउण्ड की मांग यूनियन कई बार पत्राचार के माध्यम से व अधिकारियों की मीटिंग में उठा चुकी है, किन्तु अभी तक इस पर कोई सकारात्मक कार्य नहीं हुआ है।

पैथोलॉजी विभाग में केवल एक पैथोलॉजी टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई है जिसके कारण मरीजों की जॉंच बड़ी मुश्किल से हो पाती है। एमडी पैथोलॉजी टेक्नीशियन की नियुक्ति की मांग की गई है।

इसके अलावा हृदयरोग, गुर्दारोग एवं जनरल फिजीशियन आदि चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग मजदूर संघ ने उठाई है। वहीं मजदूर संघ के महामंत्री सुशील गुप्ता का कहना है कि अब करोना के मरीज नहीं है । इसलिए रेल कोच के अधिग्रहित अस्पताल को रायबरेली प्रशासन को एमसीएफ को वापस कर देना चाहिए।

रिपोर्ट – संदीप कुमार फिजा

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