धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 115वे जन्मोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता

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प्रतापगढ़ सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा धर्म सम्राट परम पूज्य स्वामी करपात्री जी का 115वां जन्मोत्सव विगत वर्षों की भांति कृपा शंकर ओझा एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी की अध्यक्षता में रामानुज आश्रम में संत दिवस के रूप में मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राजेंद्र मौर्य विधायक ने स्वामी जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके माल्यार्पण करने के पश्चात ने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी इस प्रतापगढ़ की पावन धरती पर जन्म लेकर इस धरा को पवित्र किया।
परम पूज्य स्वामी जी प्रतापगढ़ के गौरव थे। दशनामी परंपरा के सन्यासी थे। दीक्षा के उपरांत आपका नाम हरिहरानंद सरस्वती पड़ा, किंतु हाथ की अंजुलि के बीच में जितना प्रसाद आता था उतना ही पाते थे। इसलिए आपका नाम करपात्री पड़ा। धर्म शास्त्रों में आपकी अति एवं अतुलनीय विद्वता को देखते हुए धर्म सम्राट की उपाधि प्रदान की गई । धर्माचार्य अआप एक परम तपस्वी महामानव महान साधक विचारक विशिष्ट धर्मवीर आख्या का और सनातन धर्म के प्रचारक थे।पूरी दुनिया में आज धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो भारत अखंड हो गौ हत्या बंद हो का उद्घोष देकर सनातन धर्म को उपकृत किया।
धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे ने कहा स्वामी जी इस देश की आजादी के लिए जेल गए गौ हत्या के विरोध में 1946 तथा 1947 में अपना जीवन जेलों में बिताया और देश की आजादी के लिए 7 नवंबर 1966 को गोपाष्टमी के दिन दिल्ली में गौ हत्या को रोकने के कानून को बनाने के लिए संतों के साथ प्रदर्शन किया। जहां संतो के ऊपर लाठियां बरसाई गई मेरठ जेल में कैदियों द्वारा स्वामी जी को पिटवाया गया जिससे उनके एक आंख की रोशनी चली गई। स्वामी जी ने इंदिरा गांधी को श्राप दिया। जिस श्राप के कारण आज कांग्रेस रसातल की ओर जा रही है और गोपाष्टमी के दिन ही इंदिरा गांधी तथा उनके बेटे राजीव की हत्या हुई।
आपने अनेक ग्रंथों की रचना किया जिसमें से मुख्य रूप से रामायण मीमांसा रामराज्य और मार्क्सवाद वेदार्थ पारिजात विचार पीयूष पूंजी वाद और समाजवाद आदि अद्भुत ग्रंथ है। आपने कहा धर्म नीति का पति है और धर्म के बिना राजनीति विधवा के समान है। रामराज्य की कल्पना करते हुए आपने कहा कि नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना जहां पर कोई गरीब ना हो कोई दुखी ना हो हमें ऐसा रामराज्य चाहिए। इसलिए धर्म सापेक्ष राजनीति होनी चाहिए।
इस अवसर पर कृपा शंकर ओझा एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के चरित्र पर पुस्तक की रचना करने वाले कवि एवं साहित्यकार संगमलाल तिवारी भंवर आचार्य आलोक, डॉ श्याम शंकर शुक्ल श्याम को अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण करके सम्मानित किया गया। सर्वसम्मति से धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी को भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न को प्रदान करने की मांग एवं संगम लाल गुप्ता सांसद द्वारा इस मामले में लोकसभा में उठाने तथा प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने के लिए बधाई दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ओम प्रकाश त्रिपाठी डॉ श्याम शंकर शुक्ल श्याम आचार्य आलोक संतोष दुबे पूर्व सभासद दीपक ओझा देवेंद्र ओझा एडवोकेट गंगा प्रसाद पांडे भादू संजय शुक्ला समाजसेवी प्रमोद शुक्ला जय राम पांडे आशीष कुमार मिश्र कृष्ण कुमार पांडे आचार्य आनंद पांडे पंडित लक्ष्मी कांत पांडे राकेश नारायण दुबे आचार्य कमलेश त्रिपाठी पंडित अशोक कथा व्यास संजय शांडिल्य पं अनमोल शास्त्री आनंद व्यास आचार्य दीपक सुरेश नारायण दुबे व्योम प्रेम बद्री प्रसाद मिश्रा गिरीश मिश्रा उमाशंकर मिश्रा ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आपको एक महामानव बताया। अंत में कार्यक्रम के आयोजक ओम प्रकाश पांडे ने विधायक मौर्या को आवेदन पत्र देकर श्री स्वामी जी को भारत रत्न दिलाने की मांग किया।
ओम प्रकाश त्रिपाठी
प्रदेश सह संयोजक
प्रबुद्ध प्रकोष्ठ भाजपा(उ.प्र.)
निवर्तमान जिलाध्यक्ष
भाजपा प्रतापगढ़ (उ.प्र.)

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