भगवान राम का जीवन अनुकरणीय- सुनील पाठक

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अयोध्या। बीकापुर विकास खंड क्षेत्र के तोरो माफी दराब गंज के रामलीला मैदान में आयोजित किए जा रहे रामलीला मंचन के सातवें दिन मुख्य अतिथि देवकाली मंदिर अयोध्या के महंत सुनील पाठक द्वारा फीता काट करके रामलीला मंचन का शुभारंभ कराया गया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र जी का जीवन चरित्र अनुकरणीय है। जहां भगवान राम की कथा और लीला का मंचन होता है वह भूमि और वहां के लोग धन्य हो जाते हैं। रामायण के आदर्श पात्रों के जीवन चरित्र से सीख लेने और उन्हें सामाजिक एवं व्यवहारिक जीवन में उतारने की जरूरत है।

रामलीला मंचन के सातवें दिन शुक्रवार की रात स्थानीय गांव के कलाकारों द्वारा लंका दहन की भावपूर्ण लीला का मंचन किया गया।

इस मौके पर डॉ दिनेश तिवारी, समाजसेवी लालमणि निषाद, डॉ हरिशंकर उपाध्याय, अरश दुबे, डॉ देव प्रकाश मिश्रा, पंडित ओम प्रकाश दुबे, रामलीला समिति के व्यवस्थापक अंशू दुबे, संयोजक परशुराम मौर्य, अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार निषाद, उपाध्यक्ष अनंतराम, कोषाध्यक्ष विजय, मंत्री विपिन कुमार सहित रामलीला समिति के लोग और तमाम दर्शक मौजूद रहे।

अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार निषाद ने बताया यहां कई दशकों से रामलीला का मंचन हो रहा है। रामलीला समिति द्वारा मुख्य अतिथि का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया।

-मनोज तिवारी 

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