मुख्यालय में हुआ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन

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चित्रकूट‌। नौ दिन की देवी भक्ति व रावणबध के बाद भगवान श्रीराम को भगवती का दर्शन कराने के बाद गुरुवार को माँ जगदम्बे की ढोल नगाड़ो व डीजे की धुनों में नाचते हुए विभिन्न तालाबो में नम आंखों के साथ भक्तों ने विदाई दी।

दोपहर बाद से ही मूर्ति विसर्जन करने के लिए भक्त अपने अपने पंडालों से प्रतिमा लेकर पुरानी बाजार चौराहा एकत्र हुए जहां महाआरती का आयोजन किया गया।

इसके बाद शंकर बाजार गांधी गंज स्टेशन रोड कसहाई रोड ट्रैफिक चौराहा-सदर बाजार होते हुए राणन तालाब में मूर्तियों को नम आंखों से विदाई देकर विसर्जित किया गया।

नगरपालिका कर्वी व प्रशासन ने तालाबों में विसर्जन व सुरक्षा के इंतजाम किए। अधिशाषी अधिकारी राम अचल कुरील, सिंचाई विभाग के एई फूल सिंह, एस आई नपा कमलाकांत शुक्ला सहित पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।



वरिष्ठ पत्रकार संदीप रिछारिया बताते हैं कि 40 वर्ष पूर्व कला नयन कमेटी शंकर बाजार व छात्र संघ पुरानी बाजार द्वारा बैठक में सर्वसम्मति से तय किया था कि दशहरे के दिन रावण दहन के बाद भगवान श्री राम की शोभायात्रा शहर में निकलती है और सभी देवी पंडालों के दर्शन करती है इसलिए उस दिन विसर्जन नहीं करना उसके बाद दूसरे दिन विसर्जन करने की परंपरा है।



विसर्जित हुईं दुर्गा प्रतिमाएं
चित्रकूट जिले में मुख्यालय के अलावा पहाड़ी ,राजापुर,सीतापुर शिवरामपुर भरतकूप, रैपुरा, मानिकपुर मऊ व बरगढ़ क्षेत्र में सैकड़ों मूर्तियों की स्थापना की गई थी जिन्हें आज पूरे भक्ति भाव के साथ स्थानीय तालाबों में विसर्जित किया गया इस दौरान पुलिस व प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से मुस्तैद रहा।

रिपोर्ट- पुष्पराज कश्यप

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