स्वास्थ्य का संरक्षण प्रकृति अनुकूल जीवन शैली में निहित: डॉ. राजीव दीक्षित

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लालगंज (रायबरेली) , कस्बे के साकेत नगर मोहल्ला स्थित श्रीअथर्व आयुर्वेद रसायन शाला परिसर में शुक्रवार को एक स्वस्थ कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद और पर्यावरण संतुलन विषय पर एक गोष्ठी हुई। जिसमें अनेक पर्यावरणविद्, आयुर्वेदाचार्य और शामिल हुए और अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैसवारे के मूल निवासी व मेरठ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात विख्यात पर्यावरणविद् डॉ. राजीव दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य की समस्याओं के मूल में उसका विकृत चिंतन है। यदि हम अपने चिंतन को नैतिक और आचरण को संस्कारित कर लें तो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों का संरक्षण स्वाभाविक रूप से हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने प्रकृति के अनुकूल जीवन जीने के वैज्ञानिक तरीके विकसित किए। जिनमें प्रकृति के साथ आदान-प्रदान का संबंध था। आयुर्वेद इसका एक सशक्त उदाहरण है। श्री दीक्षित का हाल ही में पर्यावरण संरक्षण पर एक ग्रंथ प्रकाशित हो चुका है। कार्यक्रम में पंचवटी के संस्थापक डा.महादेव सिंह ने वर्षा जल संचयन के तरीके बताए। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वैद्य रमाशंकर तिवारी ने कहा कि आज पूरा विश्व आयुर्वेद के महत्व को स्वीकार कर रहा है और इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए जा रहे प्रयासों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। रसायन शाला के संचालक डॉ. आशीष तिवारी ने रसायन शाला द्वारा निर्मित दंत मंजन, एलोवेरा जूस सहित अन्य स्वास्थ्य वर्धक रसायन अतिथियों को भेंट किया। संचालन प्रख्यात शिक्षाविद वीरेंद्र कुमार शुक्ला ने किया। डॉ. अनुश्री, विकल्प पांडेय वंदना तिवारी, एसआई मिठाई लाल यादव, शेर बहादुर सिंह, सत्यम आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट- संदीप कुमार फिजा

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