हनुमान चालीसा न होता, तो घरों में प्रेत वास करते

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हनुमान चालीसा न होती तो घरों में प्रेत वास करते :- धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास
प्रतापगढ़ रामानुज आश्रम में सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा संत गोस्वामी तुलसीदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। उक्त अवसर पर भगवान प्रभु श्री राम एवं श्री रामचरितमानस का पूजन करने के पश्चात धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी सनातन धर्म के प्राण है ।यदि गोस्वामी जी ना होते तो शायद आज घर-घर राम की चर्चा न होती और यदि आपने हनुमान चालीसा न लिखा होता तो घरों में प्रेत वास करते। आप एक धार्मिक समाज सुधारक संत थे।
भारतीय संस्कृत को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आपने अवधी भाषा में श्रीरामचरितमानस विनय पत्रिका कवितावली गीतावली जानकी मंगल बरवै रामायण हनुमान बाहुक हनुमान चालीसा प्रश्न शलाका वैराग्य संदीपनी जैसे अनेक पवित्र ग्रंथों की रचना किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर विवेक पांडे नारायणी रामानुज दासी डॉक्टर अवंतिका पांडे विश्वम प्रकाश पांडे सहित अनेक भक्त गण उपस्थित रहे।

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