डीएम साहब इस मिनी सचिवालय को नागरिकों के लिए नहीं जानवरों की गोशाला के लिए बनाया गया

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अमावां(रायबरेली) अमावां ब्लॉक के हरियावां गांव में मिनी सचिवालय की दशा देखने योग्य है। सूत्रों की माने तो इस सचिवालय में बनने के बाद कोई मीटिंग तो नही हुई लेकिन जानवरों के रुकने का अड्डा जरूर बन गया। इस सचिवालय में ग्राम सभा से जुड़े कोई कार्य तो हुए नही लेकिन भूसा रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी की शह पर ग्राम प्रधान को सरकारी बिल्डिंग जरूर मिल गयी । यह बिल्डिंग जब से बनी है तब से इसका उपयोग मात्र निजी कार्यों में ही किया गया है। इस बिल्डिंग की दशा के बाबत हरियावां के ग्राम पंचायत अधिकारी अतीक अहमद से पूंछे जाने पर ये पता चला कि इस बिल्डिंग का नवीनीकरण होना है। बिल्डिंग में रखे भूसे के विषय मे पूंछे जाने पर बात को गोल गोल घूमाने की कोशिश की गई और बाद में खाली कराने की बात कही। वही ए डी ओ पंचायत सईद अहमद ने बताया कि यदि बिल्डिंग में भूसा रखा है तो संबंधित लोगो पर उचित कार्यवाही की जाएगी।लेकिन सोचनीय विषय तो ये हैं कि जिस मिनी सचिवालय को आम नागरिकों के लिए बनाया गया था उसे जानवरों के तबेले के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है जिन कमरों में टेबल कुर्सियां होनी चाहिए उन कमरों में भूसा भरा हुआ है ,दरवाजे खिड़किया गायब है मानो ऐसा लगता हैं कि ये कोई भूत बंगला हो लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इससे क्या लेना देना उन्हें अपने बन्द ऐसी के कमरे से बाहर निकलने की तनिक भी फुर्सत नही ,अब देखनी वाली बात ये होगी कि इस लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारीयो पर कार्यवाही होती भी हैं या नही ये तो आने वाला वक़्त बताएगा।

अनुज मौर्य/मनीष मौर्य रिपोर्ट

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