अवनी परिधि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अग्निशामक सिलेंडरों की वैधता अवधि समाप्त
फायर अलार्म अक्रियाशील, फायर हाइड्रेंट प्रणाली में पानी का रिसाव एवं अपर्याप्त दबाव पाया गया
बाँदा —-प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल कोचिंग संस्थान में हुई घटना के बाद आज चित्रकूट धाम मण्डल के मण्डलायुक्त ने निजी अस्पतालों एवं कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया साथ ही अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर आयुक्त ने दिये कड़े निर्देश दिए ।
गौर तलब है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अली गंज में कल हुई कोचिंग संस्थान में घटना के बाद आज जनसुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बाँदा एवं सिटी मजिस्ट्रेट, बाँदा के साथ जनपद बाँदा में संचालित निजी चिकित्सालयों एवं कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करना तथा किसी भी आपात स्थिति में किसी भी प्रकार कि जनहानि न हो सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान अवनी परिधि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बाँदा में अग्निशमन उपकरण स्थापित पाए गए, किन्तु अग्निशामक सिलेंडरों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। फायर अलार्म अक्रियाशील पाया गया तथा फायर हाइड्रेंट प्रणाली में पानी का रिसाव एवं अपर्याप्त दबाव पाया गया। आयुक्त महोदय ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि समस्त कमियों को 24 घंटे के भीतर दूर कर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कैलाश हॉस्पिटल, मोबुदा, बाँदा में अग्निशमन व्यवस्था सामान्य रूप से क्रियाशील पाई गई, किन्तु अग्निशामक सिलेंडरों में प्रयुक्त ड्राई पाउडर की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। आयुक्त अजीत कुमार ने तत्काल सभी अग्निशामक यंत्रों को मानक के अनुरूप रिफिल कराने एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को अद्यतन रखने के निर्देश दिये।
आकाश इंस्टीट्यूट (रेडियन प्लाजा), बाँदा के निरीक्षण में अग्निशमन उपकरण एवं फायर अलार्म प्रणाली क्रियाशील पाई गई, किन्तु अग्निशामक सिलेंडरों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी तथा भवन का आपातकालीन निकास द्वार अत्यंत संकरा पाया गया, जो किसी भी आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकता है। आयुक्त ने केन्द्र प्रभारी को निर्देशित किया कि निकास द्वार को मानकानुसार चौड़ा किए जाने तक शिक्षण कार्य स्थगित रखा जाए तथा सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होने के पश्चात ही कोचिंग का संचालन किया जाए।
नरेन्द्र गुप्ता मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बाँदा में अधिकांश अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं क्रियाशील पाई गईं, किन्तु फायर पम्प कक्ष में ताला लगा हुआ मिला। आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए निर्देशित किया कि फायर पम्प कक्ष सदैव सुलभ एवं क्रियाशील स्थिति में रखा जाए तथा अग्निशामक उपकरणों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाए।
बाँदा सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, बाँदा में निरीक्षण के दौरान फायर अलार्म एवं फायर पम्प प्रणाली अक्रियाशील पाई गई तथा पानी का दबाव भी अत्यंत कम पाया गया। आयुक्त अजीत कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि समस्त कमियों को तत्काल दूर करते हुए अग्नि सुरक्षा प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाए तथा इसकी प्रमाणित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
शिव कृष्णा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बाँदा में अग्निशमन उपकरण स्थापित पाए गए, किन्तु आपातकालीन निकास मार्ग की सीढ़ियां अत्यंत संकरी पाई गईं। आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देशित किया कि आपातकालीन निकास व्यवस्था को सुरक्षित एवं मानकानुसार विकसित किया जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में मरीजों एवं तीमारदारों का सुरक्षित निकास सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान अनुराग नर्सिंग होम, बाँदा में अग्निशमन एवं आपातकालीन निकास संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अग्निशामक सिलेंडरों की वैधता अवधि भी वर्ष 2027 तक प्रभावी पाई गई। आयुक्त ने संस्थान प्रबंधन की सराहना करते हुए निर्देशित किया कि भविष्य में भी समस्त सुरक्षा मानकों का इसी प्रकार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के उपरान्त आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के समस्त निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों, विद्यालयों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं बहुमंजिला भवनों का चरणबद्ध निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जिन संस्थानों में गंभीर कमियां पाई जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जाए।
आयुक्त ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता का विषय नहीं है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी संस्था द्वारा सुरक्षा मानकों की उपेक्षा किए जाने की स्थिति में प्रशासन कठोर कार्यवाही करेगा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी संस्थान नियमित रूप से मॉक ड्रिल आयोजित करें, कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दें तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
चित्रकूट धाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुधीर त्रिवेदी रिपोर्ट


