महोबा , चरखारी तहसील क्षेत्र के गौरहारी गाँव में श्री विष्णु महायज्ञ की वर्षगांठ पर आयोजित दो दिवसीय रामलीला में दूसरे दिन धनुष यज्ञ की लीला हुई। जिसमे रामजी का अभिनय पवन द्विवेदी एवम लखन लाल का सुंदर अभिनय कल्पेश द्विवेदी ने किया जिसमे धनुष भंग हो जाने के बाद लक्ष्मण परशुराम संवाद में दर्शक सुबह सात बजे तक डटे रहे। परशुराम जी का अभिनय कृष्ण कुमार द्विवेदी भरुआ ने किया। धनुष टूट जाने के बाद परशुराम जी का क्रोध देखने लायक था और उन्होंने कहा मूर्ख जनक ये भगवान शंकर का अजगव जिसने तोड़ा है वह सहस्त्रबाहु के समान मेरा दुश्मन है इतने में लक्ष्मण जी बोल पड़े की ऐसी धनुइया तो बचपन में हमने बहुत तोड़ी है लेकिन आज तक किसी ने इतना गुस्सा नही दिखाया जो आप इस धनुष के टूटने पर इतना नाराज हो रहे हो।
परशुराम जी बोले सठ बालक ये नही जानते कि ये धनुष भगवान शंकर का धनुष है जो महराज जनक जी के पास सुरक्षा के तौर पर रखा था जिसने भी तोड़ा है तो अपना नाम जल्दी बता दे नही तो यहां पर जितने भी राजा बैठे हुए है सभी मारे जायेंगे। कोमिक कलाकार राजन अकेला कानपुर ने भी पेटू राजा के रूप में कोमिक बनकर जनता को लोटपोट किया। डांसर चंचल रानी कानपुर एवम छोटी गुड़िया कानपुर ने भी अपने नृत्य से दर्शको का मन मोह लिया। संजय पहाड़ी ने बाड़ासुर के रूप में अभिनय किया और अपने तेज तर्रार अभिनय से रावण को स्वयंवर से हटाया। व्यास जी सोनू ,तबला पर प्रियांशु एवम अंकित साउंड सर्विस ने भी अपना एक अलग कमाल दिखाया और मंडलाधीश तेजकुमार तिवारी रहे।
रिपोर्ट- राकेश कुमार अग्रवाल
दो दिवसीय रामलीला के अंतिम दिन लक्ष्मण परशुराम संवाद देखने को सुबह तक डटे रहे दर्शक
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