किसानों को बड़ी राहत : अब आधार कार्ड से बदलवा सकेंगे खतौनी में नाम
नाम एक न होने से किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को मिलेगा लाभ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है। अब खतौनी में दर्ज नाम को आधार कार्ड के अनुसार संशोधित कराया जा सकेगा। राजस्व परिषद जल्द ही यह सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे राज्यभर के लगभग तीन करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।
कई किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ इसलिए नहीं मिल पा रहा था क्योंकि खतौनी और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग दर्ज था। इस विसंगति की वजह से करीब दो लाख से अधिक किसानों के भुगतान रुक गए थे। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें भी योजना का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

▪️राजस्व कर्मी की रिपोर्ट होगी जरूरी
नाम संशोधन के लिए आधार कार्ड मुख्य प्रमाण होगा, लेकिन प्रक्रिया में राजस्व कर्मी का सत्यापन अनिवार्य रहेगा। अधिकारियों के अनुसार यह कदम फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
▪️ नहीं आएगी दिक्कत
नई व्यवस्था में (eKYC) की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। खतौनी और आधार में नाम समान होने से किसान सम्मान निधि की सूची में किसानों को जोड़ने या भुगतान जारी करने में आने वाली समस्याएँ काफी हद तक दूर होंगी।
▪️किसके नाम कितनी जमीन… यह भी होगा स्पष्ट
आधार से खतौनी का नाम जुड़े होने पर भूमि का विवरण भी स्पष्ट होगा। भूमिधर, सहखातेदार, हिस्सेदारी और स्वामित्व को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा। इससे न सिर्फ किसान, बल्कि प्रशासन को भी राजस्व संबंधी कार्यों में आसानी होगी।
राजस्व परिषद के अनुसार प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को मजबूत करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लागू होने के बाद नाम सुधार से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण हो सकेगा और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना बाधा मिलेगा।
— संवाददाता


