राही से सारधा नहर सुल्तानपुर रोड फिर बनी खूनी सड़क: तेज रफ्तार पिकअप ने मचाया कहर,बाईक सवार युवक की दर्दनाक मौत, दो बच्चे घायल
रायबरेली। रायबरेली-सुल्तानपुर रोड एक बार फिर खून से लाल हो गई। मिल एरिया थाना क्षेत्र के गड़रियन के पुरवा स्थित शारदा नहर के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप ने कहर बरपा दिया। पिकअप ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें मोटरसाइकिल सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान अखिलेश मौर्या पुत्र निवासी मोहईया केसरिया, थाना फुरसतगंज, जनपद अमेठी के रूप में हुई है।अखिलेश कोतवाली नगर क्षेत्र के बाबा सेनेटरी की दुकान में प्लंबरिंग का काम करता है।बताया जा रहा है कि अखिलेश अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिसको जिला अस्पताल के डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया
ग्राम प्रधान के मुताबिक इसी हादसे में राही गांव के दो बच्चे भी घायल हो गए, जो दूसरी बाइक पर सवार थे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मिल एरिया पुलिस मौके पर पहुंची और एक वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की पड़ताल में जुटी है।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
बड़ा सवाल यह है कि आखिर कितनी मौतों के बाद जागेगा प्रशासन?
हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रायबरेली-सुल्तानपुर रोड पर मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यदि समय रहते प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो यह सड़क आगे भी लोगों की जान लेती रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शारदा नहर के पास उचित प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस ब्लैक स्पॉट को लेकर गंभीर नजर नहीं आते।
लोगों का आरोप है कि इसी मार्ग पर नो-एंट्री के नाम पर वाहनों से वसूली की जाती है, लेकिन शाम छह बजे के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। सड़क पर न तो पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें हैं और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम। कई बार शराब के नशे में वाहन चलाने की वजह से भी हादसे होते हैं, लेकिन रोकथाम के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया जाता।
अनुज मौर्य /प्रतीक सिंह रिपोर्ट


