शिक्षा विभाग की लेटलतीफी से बढ़ रही अभिभावकों की मुश्किलें

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  • आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश की नहीं निकली सूची

  • अभिभावक परेशान शिक्षा अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

  • अगस्त तक होने है आरटीई दाखिले, ऑफलाइन सूची जारी नहीं

  • निजी स्कूलों में बच्चों का होना है दाखिला,

  • परेशान हो रहे हैं अभिभावक

वाराणसी: 08 अगस्त 2020 शनिवार,
शिक्षा के अधिकार(आरटीई) के तहत होने वाले दाखिलों में शिक्षा विभाग की लेटलतीफी अभिभावकों की परेशानी का सबब बन गई है। शहरीय बच्चों के ऑनलाइन सूची जारी होने के बाद 30 अगस्त तक दाखिले हो जाने है। स्थिति यह है कि अभी तक दाखिलों की ऑफलाइन सूची ही नहीं जारी की गई है। इससे परेशान अभिभावक लिस्ट जारी होने के इंतजार में रोजाना शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पहले व दूसरे चरण के आफलाइन आवेदन जमा होने के बाद आज तक चयनित बच्चों की सूची जारी नहीं हुई

ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ स्वैच्छिक सेवा प्रदाता शिक्षिका पूजा गुप्ता ने सीएम योगी और बाल संरक्षण अधिकार आयोग में शिकायत कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का भी मांग किया गया है।


अनिवार्य व बाल शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीट अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बच्चों के लिए आरक्षित किया गया है। 3 से 7 आयु वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिले के लिए पहले 31 मार्च 2020 तक की तिथि निर्धारित थी। उस अवधि में लाक डाउन के चलते कोविड 19 के कारण आवेदन जमा करने की तिथि को 10 जुलाई तक बढ़ा दी गई। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का शुल्क शासन वहन करती है। शहरीय क्षेत्रों में इस बार भी आरटीई की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन रही। और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन रही है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक वाराणसी जिले में जमा हुए आनलाइन आवेदनो की सूची दूसरे चरण का भी जारी कर दिया गया है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के ऑफलाइन आवेदन के लिस्ट पहले व दूसरे चरण तक का भी आज तक जारी नहीं हुई है

अभिभावक हो रहे परेशान-


अपने बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने का सपना संजोए बीएसए और बीईओ दफ्तर पहुंच रहे अभिभावक पूरे दिन पता कर रहे हैं पर उन्हें आज तक यह पता नहीं चल पाया कि उनके बच्चों को किस स्कूल में दाखिला मिल रहा है। और तो और अधिकांश अभिभावक जिस नामचीन स्कूलों में अपने बच्चों का प्रवेश चाह रहे हैं उन स्कूलों का नाम भी छात्रों की संख्या यूडायस कोड संबंधित वेबसाइट पर नजर नहीं आ रहा।

जिम्मेदार शिक्षाधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों के आफ लाईन आवेदनों की लॉटरी चयनित बच्चों की सूची अब तक नही निकाल पाए। लॉटरी कब निकलेगी, इस पर विभागीय अधिकारी मौन है।

इधर स्वैच्छिक सेवा प्रदाता शिक्षिका पूजा गुप्ता ने पूरे मामले को सीएम योगी और राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग नई दिल्ली को प्रेषित करके सूची जारी करा कर बच्चों की दाखिला पूरी कराया जाए लापरवाह और हिलाहवाली करने वाले शिक्षाधिकारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग ईमेल के जरिए की है।

द्वारा
राजकुमार गुप्ता वाराणसी

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