संसार में ईश्वर के अतिरिक्त कुछ भी शास्वत नही: आचार्य गौरीशंकर

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लालगंज (रायबरेली) , क्षेत्र के बाजपेई खेड़ा मजरे बेहटा कला गांव में चल रही श्रीमद् भागवत् महापुराण के सातवे दिन आचार्य गौरी शंकर त्रिपाठी ने सुदामा चरित्र, राजा परिक्षित मोक्ष की कथा का मार्मिक व्याख्यान करते हुये श्रोताओं को बताया कि इस संसार में ईश्वर के अतिरिक्त कुछ भी शास्वत नही है। इससे पहले अजामिल और भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने किए गए शुभ और अशुभ कर्मों का भोग करना पड़ता है। कहा कि भक्त प्रहलाद की पुकार सुनकर भक्त वत्सल भगवान ने नरसिंह रूप धारण किया और हिर्नाकश्यप का वध किया। आचार्य के मुखार बिंदुओं से चल रही संगीत में भक्ति धारा में बहकर श्रद्धालुओं ने शराबोर होते हुए भगवान भुवन मोहन कन्हैया के जयकारे लगाए। इस अवसर पर देवक्रष्ण बाजपेयी, सुशील बाजपेयी, प्रदीप बाजपेयी, क्रष्णमुरारी, संजीव पाण्डेय, राजेश अवस्थी, आदर्श, अविरल सहित सैकड़ो महिला पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।

रिपोर्ट- संदीप कुमार फिजा

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