एग्री रूरल टूरिज्म के तहत चयनित गाइडों को मिला प्रशिक्षण, शहीद स्मारक का किया भ्रमण

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ग्रामीण पर्यटन को सशक्त करने की दिशा में प्रशिक्षण और फील्ड विजिट

रायबरेली। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एग्री रूरल एंड गंगे ग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के अंतर्गत न्यू पब्लिक स्कूल समिति की टीम द्वारा सदर तहसील के चयनित ग्रामों—गौरा खसपरी एवं लालूपुर खास के 20 स्थानीय युवाओं (प्रत्येक ग्राम से 10) के लिए दो दिवसीय गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एमकेआईटीएम, लखनऊ से प्रशिक्षित विशेषज्ञ राकेश त्रिपाठी द्वारा प्रतिभागियों को ग्रामीण पर्यटन की अवधारणा, स्थानीय विरासत, पर्यटक मार्गदर्शन कौशल एवं व्यवहारिक गाइडिंग की जानकारी दी गई। इसी क्रम में प्रतिभागियों को इंदिरा गार्डन एवं राष्ट्रीय ऐतिहासिक शहीद स्मारक मुंशीगंज का फील्ड विजिट कराया गया, जहां स्थल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक महत्ता से उन्हें अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला समन्वयक शाश्वत पांडेय, नंद किशोर मिश्र, ग्राम समन्वयक हिमांशु, श्रेया शुक्ला तथा रूरल सेक्टर एक्सपर्ट वंदिता सचान उपस्थित रहे।

शहीद स्थल मुंशीगंज में पीपल की छांव वाले बालरूप संकट मोचन हनुमान जी कृपा शहीदों की पावन भूमि पर बरस रही

पर्यटन परियोजनाटीम ने बालरूप हनुमान जी के दर्शन और किया आरती

शहीद स्थल-मुंशीगंज, रायबरेली। राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल शहीद स्मारक परिसर में स्थित पीपल वृक्ष की छांव में विराजमान बालरूप संकट मोचन हनुमान के दर्शन के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। पर्यटन परियोजना से जुड़ी टीम ने शहीदों को नमन करने के पश्चात बालरूप हनुमान जी के दर्शन कर आरती की। राकेश त्रिपाठी ने द्वारा प्रतिभागियों को शहीद स्मारक स्थल भ्रमण कराया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की परियोजना से जुड़े प्रतिभागी टीम को मोक्षनगरी काशी (बनारस) से लाए गए पवित्र गंगाजल से शहीदों के तर्पण हेतु पूरे परिसर में जल छिड़काव किया गया तथा शेष जल को श्रद्धापूर्वक सई नदी में विसर्जित किया गया। इसके उपरांत बालरूप हनुमान जी की आरती में शामिल श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए। इस दौरान शहीद स्मारक परिसर में प्रो. डॉ. संजय सिंह, राधेश्याम सिंह, राकेश त्रिपाठी, राजेश, जीबी सिंह, राम प्रकाश चौधरी, हनुमत शरण सिंह सहित श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं का कहना है कि बालरूप हनुमान का यह स्वरूप अत्यंत सौम्य, चैतन्य और आकर्षण से परिपूर्ण हैं। भक्त दर्शन के समय ऐसा अनुभव करते हैं मानो संकट मोचन की कृपा स्वयं शहीदों की इस पावन भूमि पर बरस रही हो। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि शहीदों की इस धरती पर विराजमान संकट मोचन हनुमान राष्ट्र को बल, भक्तों को संबल और समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव रिपोर्ट

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