रायबरेली। रविवार को रायबरेली का सारस चौराहा उस समय सियासी चर्चा का केंद्र बन गया, जब करीब एक घंटे के अंतराल पर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का यहां आगमन हुआ। दोनों नेताओं के बयानों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला।
मायावती द्वारा आनंद कुमार को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह बहुजन समाज पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बीएसपी में ‘वन मैन आर्मी’ बनकर रहना चाहती हैं।
वहीं, सहारनपुर के मामले को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विकास और रोजगार के मुद्दे पर विफल रही है और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम तथा मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों में जनता को उलझाया जाता है।
इसके साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य सिर्फ ख्याली पुलाव पकाने का काम करते हैं और मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं।
एक ही स्थान पर दोनों नेताओं के करीब एक घंटे के अंतराल पर पहुंचने और एक-दूसरे के खिलाफ दिए गए बयानों से रायबरेली का सियासी माहौल गर्म नजर आया।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


