कार्डधारकों में गहरा आक्रोश

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खाद्यान्न वितरण में घटतौली को लेकर मान्धाता ब्लॉक की ग्राम पंचायत पूरे सुखदेव के कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत को आपूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के इशारे पर रफा-दफा कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्ड धारकों को महीने में दो बार वितरित किए जाने वाले निशुल्क खाद्यान्न की जमकर चोरबाजारी व घटतौली की जाती है। सरकार ने कार्ड धारकों को राहत पहुंचाने के लिए महीने में दो बार निशुल्क राशन का वितरण कोरोना काल में प्रारंभ किया था। लेकिन कोटेदारों ने कोरोना का फायदा उठाते हुए खाद्यान्न वितरण में जमकर घोटाला किया।

पूरे सुखदेव में भी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट निर्धारित खाद्यान्न नहीं दिया जाता है बल्कि मनमानी कटौती की जाती है।विरोध करने पर अपमानित करके भगा दिया जाता हैं।

खाद्यान्न वितरण में कोटेदार की मनमानी के खिलाफ गांव के दर्जनों कार्ड धारकों द्वारा हस्ताक्षरित एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को दिया गया था साथ ही टोलफ्री नम्बर 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।किन्तु जांच अधिकारी आपूर्ति निरीक्षक ने शिकायत कर्ताओं से पूछताछ करने के बजाय कोटेदार से मिलकर मामले को रफा-दफा कर दिया। जिससे कार्ड धारकों में गहरा आक्रोश है।

आरोप है कि कोटेदार के दो सरहंग बेटे वितरण से पहले घर घर जाकर कार्डधारकों से मशीन पर अंगूठा लगवा लेते हैं और वितरण के समय राशन में मनमानी कटौती करते है। खाद्यान्न के साथ मिलने वाले रिफाइन चने और नमक आदि तो केवल गिने-चुने लोगों को ही देते है। कोटेदार की मनमानी से तंग आकर दर्जनों कार्ड धारक दूसरे गांव के कोटेदारों के यहां से राशन लेने लगे हैं।

कार्ड धारकों की शिकायत से संबंधित वीडियो भी जांच अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है इसके बावजूद संबंधित जांच अधिकारी कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसको बचाने के लिए उसके पक्ष में रिपोर्ट लगा देते है। शिकायतकर्ता राजेश मिश्रा राजेंद्र प्रसाद दशरथ लाल श्यामलाल विजय कुमार मिठाई लाल प्रमोद कुमार तेज बहादुर राकेश कुमार पंकज सहित दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी से प्रभावी कार्रवाई की मांग किया है।

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा

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