बेकाबू चोरों के आगे लाचार है कोतवाली पुलिस

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रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र के चोर लगातार सक्रिय हैं वहीं कोतवाली पुलिस चोरी की घटनाओं में अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। बीते दिनों चोरी की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। चोरों द्वारा घर, ट्यूबवेल, सरकारी विद्यालयों, सोलर पैनलों सहित मवेशियों को लक्ष्य बना लगातार घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

वहीं कोतवाली पुलिस सुबह शाम गरूण अभियान व वाहन चेकिंग कर चोरों में भय व्याप्त करने में जुटी हुई है। शुक्रवार को कस्बा स्थित कपड़ों के एक बडे़ शोरूम में घुसे अज्ञात चोरो नें लाखों का माल पार कर दिया है। जबकि दुकान के दोनों तरफ चौराहों पर पुलिस मौजूद रहती है।

बताते चलें कि बीते दो सप्ताह में अज्ञात चोरों द्वारा क्षेत्र में दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। चोरों द्वारा लगातार चोरी कर कोतवाली पुलिस की गश्त की पोल खोली जा रह रही है।

बीते एक सप्ताह में तीन सरकारी विद्यालय प्राथमिक विद्यालय पुरासी, प्राथमिक विद्यालय राजाकंसपुर कम्पोजिट विद्यालय जमुरावा में ताला तोड़ रसोई घर का राशन बर्तन व कार्यालय से पंखें आदि खोल ले जाने का मामला हो या फिर क्षेत्र के दुसौती चौराहे पर लगे सोलर आरओ प्लाण्ट से सोलर पैनल खोल ले जाने का मामला तो वहीं मुजफ्फरपुर से 3 भैंसे खोलने के मामले में जहां पीड़ित खुलासे का इन्तजार कर रहे है।

वहीं इससे पूर्व कोतवाली क्षेत्र के बबुरिहा व सुजातगंज के दो ट्यूबवेलों से अज्ञात चोरों द्वारा बिजली का केबिल व मोटर पार कर दिये गये।

इन चोरी की वारदातों का पुलिस अभी तक खुलासा भी नहीं कर सकी की शुक्रवार को कोतवाली से चन्द कदम दूरी पर रायबरेली मार्ग पर स्थित फैशन प्वाइंट का ताला तोड़ लाखों के कपड़े आदि पार कर चोरों ने कोतवाली पुलिस को खुली चुनौती दी है।

शोरूम के प्रोपराइटर सौरभ जायसवाल ने बताया कि सुबह जब वह शोरूम खोलने आया तो देखा कि दोनो ताले कटे हुए पड़े हैं जिसके बाद उन्होने आस पास के लोगो को बुला शटर उठाया, शोरूम के अन्दर कपड़े बिखरे हुए पड़े थे।

मामले में तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी गयी सूचना पर पहुंचे कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने मौका मोआयना किया है। सौरभ जायसवाल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है। लेकिन लाखों की चोरी होने के बाद पुलिस घटना का अनावरण करती है या फिर खुलासे के नाम पर गत दिनों क्षेत्र में हुई चोरियों के नतीजे की तरह इसका भी नतीजा ढाक के तीन पात ही रहता है।

रिपोर्ट-अशोक यादव एडवोकेट

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