लखनऊ। Government of Uttar Pradesh ने स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था से जुड़ी बढ़ती शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के अनुसार, उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बना रहे। साथ ही शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता हितों के अनुरूप बनाया जाए। ओवर बिलिंग जैसी समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा, जो जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इसके अलावा, प्रदेश में ऊर्जा सुधार के तहत विभिन्न योजनाओं पर भी काम जारी है। सरकार ने बताया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के अंतर्गत लाखों सोलर रूफटॉप लगाए जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिल सके।
इस फैसले से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिकायत कर रहे थे।



