रोड नही तो वोट नही के नारे के साथ ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार का किया ऐलान

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महोबा , कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी अभी तक गांव में रोड न पडने से ग्रामीणों मे खाशी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी वोट न डालने पर एसडीएम व सीओं ने आकर आश्वासन दिया था कि चुनाव बाद सडक का निर्माण हो जायेगा। परन्तु 6 वर्ष गुजर जाने के बाद भी गांव में सडक का निर्माण नही करवाया गया। जिससे ग्रामीणों ने रोड नही तो वोट नही का नारा बुलन्द करते हुये चुनाव का वहिष्कार किये जाने का ऐलान किया है बता दे कि पनवाडी विकासखण्ड के ग्राम गडोरा की सडक बडे बडे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों को यहां आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पडता है।

अगर कोई बीमार पड जाता है तो उसे अस्पताल ले जाने के लिये यहां कोई भी वाहन नही आता है। किसी प्रकार ट्रेक्टर आदि से मरीजों को चिकित्सालय ले जाया जाता है। इस सडक से वाहन निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। स्कूली बच्चों को भी यहां से विद्यालय आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पडता है। बरसात के मौसम में यहां स्थिति और भी भयाभह हो जाती है। यहां से वाहन तो दूर पैदल भ्निकलने में भी लोगों को कडी मशक्कत करनी पडती है। कई घण्टे बीत जाने के बाद किसी प्रकार ग्रामीण इस सडक से निकल पाते है। बरसात के मौसम में पूरी सडक कीचड से सराबोर हो जाती है, साथ ही सडक में बडे बडे गड्ढों में गिरकर ग्रामीण चुटहिल भी हो जाते है। इस सडक पर गिरकर करीब आधा दर्जन लोग काल के गाल में समा चुके है इसकी शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की।

परन्तु अभी तक किसी ने इस ओर कोई भी ध्यान नही दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों सडक निर्माण की मांग रखी थी। जिस पर पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने लिखित आदेश भी दिया था तथा सडक का निरीक्षण करने के लिये एसडीएम कुलपहाड व सीओं भी आये थे और चुनाव बाद सडक का निर्माण कराये जाने का आश्वासन भी दिया था। परन्तु चुनाव बीत जाने के बाद किसी ने भी इसकी सुध तक नही ली। अब ग्रामीणों ने रोड नही तो वोट नही का नारा देते हुये चुनाव से वहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक यहां सडक का निर्माण नही प्रारम्भ हो जाता है तब तक वोट नही डाले जायेगे।

रिपोर्ट- राकेश कुमार अग्रवाल

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